

जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस अधीक्षक परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए क्षेत्र के सभी संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश रात्रि 10 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध दिनांक 6 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार आदेश जारी किए! नरसिंहगढ़ जिला कलेक्टर गिरीश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी द्वारा सभी थाना प्रभारी एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में परीक्षा कार्यक्रम को दृष्टिगत रखते हुए रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे के मध्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु ध्वनि प्रदुषण विनिमय एवं नियंत्रण नियम के धारा 163 अनुसार यह आदेश जारी किया है। रात्रि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों तथा किसी भी स्त्रोत से निकाली गई इस प्रकार की ध्वनि प्रदूषण जो अध्ययन एवं अन्य कार्य में विघ्न डालती है या जिससे ऐसा विध्न पड़ने की संभावना है। इसे 6 फरवरी 30 अप्रैल तक के लिए संपूर्ण जिले में प्रतिबंधित किया गया है। इस अवधि में किसी भी परिस्थिति में रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे के मध्य इन यंत्रों के उपयोग के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। इस अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रतिबंधित समय पर उपयोग किए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।”
परीक्षा काल में शांति सर्वोपरि
हर वर्ष परीक्षा के समय छात्रों को सबसे अधिक शांत वातावरण की आवश्यकता होती है. तेज आवाज, अनावश्यक शोर और सार्वजनिक आयोजनों में बजने वाले लाउडस्पीकर छात्रों के मानसिक एकाग्रता पर सीधा असर डालते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह आदेश जारी किया है. कलेक्टर दीपक सोनी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में चल रही परीक्षाएं और आगामी परीक्षाएं प्रशासन की प्राथमिकता है. छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा है, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना लिखित पूर्वानुमति के किसी भी परिस्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. चाहे वह धार्मिक आयोजन हो, सामाजिक कार्यक्रम हो, निजी समारोह हो या किसी अन्य प्रकार की गतिविधि, सभी पर यह प्रतिबंध समान रूप से लागू रहेगा. यदि किसी विशेष परिस्थिति या शासकीय कार्य के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग अनिवार्य हो, तो उसके लिए संबंधित सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा. मौखिक अनुमति या किसी प्रकार का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा”
